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Nainital ‘The City of lakes”

by Pankaj Pant
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Nainital “The City of lakes”: नैनीताल एक खूबसूरत “तालो का शहर”: नैनीताल उत्तराखण्ड में स्थित एक प्रमुख पर्यटक स्थल है जो अपने यहाँ स्थित तालो के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। इस कारण नैनीताल को तालो का शहर कहकर भी जाना जाता है।

Nainital “The City of lakes”

नैनीताल एक खूबसूरत तालो का शहर

Nainital “The City of lakes”: नैनीताल एक खूबसूरततालो का शहर नैनीताल उत्तराखण्ड में स्थित एक प्रमुख पर्यटक स्थल है जो अपने यहाँ स्थित तालो के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध है इस कारण नैनीताल को तालो का शहर कहकर(City of lakes) भी जाना जाता है

इस पूरे शहर में 60 से भी अधिक ताल स्थित थे परन्तु कुछ समय से प्राकतिक आपदा व ग्लोबिंग वार्मिंग के कारण इनमे से कई ताल अब लुप्त हो चुके है नैनीताल में हर साल लाखो की संख्या में पर्यटक (जानिए नैनीताल के प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों के बारे में) आते है तथा यहाँ के शांत, खूबसूरत व हरेभरे वातावरण का आनंद लेते है

Nainital “The City of lakes”
Nainital “The City of lakes”

नैनीताल(Nainital) अंग्रेजो द्वारा बसाया गया शहर है जो चारो और से विशाल पर्वतो से घिरा हुआ है यह शहर गर्मियों के समय अंग्रेजो के रहने की पसंदीदा जगह हुआ करती थी जिन्होंने गर्मियों के लिए इसे अपनी राजधानी बनाया हुआ था वही उत्तराखंड का उच्च न्यायलय (High Court of Nainital) भी नैनीताल में ही स्थित है नैनीताल में आप पैराग्लाइडिंग, फ़िशिंग, बोटिंग तथा शॉपिंग का भी आनंद ले सकते है

नैनीताल चारो और से विशाल पर्वतो से घिरा हुआ है जिसके उत्तर दिशा में विशाल नैना पर्वत(Naina Peak) स्थित है जिसकी ऊंचाई लगभग 2,615 मीटर(Height of Naina Peak) है वही पश्चिम में देवपाठा पर्वत अवस्थित है जिसकी ऊंचाई 2,438 मीटर(Height of Devpatha Peak) है दक्षिण में अयारपाठा पर्वत स्थित है जिसकी ऊंचाई लगभग 2,278(Height of Ayarpatha Peakमीटर (जानिए उत्तराखंड की अन्य पर्वत चोटियों के बारे मेंहै वही नैना पर्वत नैनीताल की सबसे ऊंची चोटी है जो देखने में बेहद आकर्षित व मनमोहक दिखाई पड़ती है नैना देवी पर्वत से आप सम्पूर्ण नैनीताल शहर का मनमोहक द्रस्य देख सकते है

नैनीताल का प्रमुख ताल नैनी ताल(Naini Lake) है जिसके नाम पर ही इस शहर का नाम नैनीताल पड़ा(Nainital “The City of Lakes”) इसके दोनों छोरो पर स्थित स्थानों को तल्ली ताल (Talli Tal) व मल्ली ताल (Malli Tal) कहा जाता है जिसके बीचोबीच नैनी झील स्थित है

तल्ली ताल में ही नैनीताल का बस स्टेशन(Nainital Bus Station) भी स्थित (बस द्वारा नैनीताल कैसे जाये) है इसके एक छोर मल्लीताल में नैना देवी का प्राचीन मंदिर नैना देवी(Naina Devi Temple) स्थित है जिसके दर्शन हेतु बड़ी संख्या में श्रद्धालु दूरदूर से यहाँ आते है व देवी माँ से अपने व अपने परिवार की कुशलता हेतु प्रार्थना करते है 

मंदिर में हर साल एक विशाल भंडारे का भी आयोजन होता है जिसमे सम्मलित होने भी दूरदूर से श्रद्धालुवो का नैनीताल आगमन होता है। मंदिर नैना देवी (Naina Devi Temple) के 51 शक्ति पीठो में से भी एक है

Nainital "The City of Lakes"
NAINA DEVI TEMPLE

नैनीताल दो अक्षरों अर्थात नैनी और ताल से मिलकर बना है जिसमे नैना का अर्थ आँखों से तथा ताल का अर्थ झील से है ये झील सात पहाड़ियों से ढकी हुई है तथा शहर के बीचो बीच बसी हुई है जो समुद्र तल से 1,937 मीटर की ऊंचाई(Height of Naini Lake) पर स्थित है झील की लम्बाई 1,500 मीटर, चौड़ाई 510 मीटर तथा गहराई लगभग 30 मीटर है

इस झील (जानिए उत्तराखंड के अन्य झीलों व तालो के बारे में) की मुख्य विशेषता यह है की झील में यहां स्थित पर्वतो की सम्पूर्ण पर्वतमाला, वृक्षों की छाया, आकाश में छाए हुए बदलो का प्रतिबिम्ब स्पष्ट दिखाई पड़ता है वही झील का पानी सामान्य मौसम में हरा, बरसात में मटमैला तथा सर्दियों में हल्का नीला दिखाई पड़ता है

How did Nainital named Nainital

नैनीताल का नाम नैनीताल कैसे पड़ा

Nainital “The City of lakes”
NAINITAL LAKE, NAINITAL

नैनीताल का नाम नैनीताल पड़ने हेतु एक पौराणिक कथानुसार हरिद्वार(Haridwar) के उपनगर कनखल(Kankhal) में स्थित दक्षेश्वर मन्दिर में राजा दक्ष रहते थे जहाँ भगवान शिव की ससुराल भी थी एक बार राजा दक्ष ने अपने यहाँ एक विशाल यज्ञ एवं हवन का आयोजन किया था जिसमे भगवान शिव को छोड़ अन्य देवताओ को उस हवन में शामिल होने हेतु आमंत्रण भेजा गया

भगवान शिव को उस हवन में आमंत्रण न मिलने के कारण माता सती रुष्ट हो गई जिस कारण माता सती द्वारा उसी हवन कुंड की अगनि में कूदकर आत्मदाह कर लिया गया

जब ये बात भगवान शिव को मालूम पड़ी तो वे क्रोध में आकर तांडव करने लगे तथा देवी सती मृत जले हुए शरीर को लेकर आकाश मार्ग में भ्रमण करने लगे जिससे देवी सती के जले हुए शरीर के टुकड़े अलग स्थान में गिरने लगे इस स्थान पर देवी के शरीर की आंख गिरी जिस कारण यहाँ पर आंख के आकार की झील का निर्माण हुआबाद में इस झील के नाम पर ही इस शहर का नाम नैनीताल(Nainital) पड़ा

General FAQ’s About Nainital

नैनीताल के बारे में पूछे जाने वाले सामान्य प्रश्न

Qus-1 Which is the best month to visit Nainital?

Q-1  नैनीताल घूमने हेतु कौन सा से  महीने उत्तम है

Ans- वैसे तो आप नैनीताल (Nainital “The City of lakes”) किसी भी मौसम में जा सकते है फिर भी नैनीताल जाने का सर्वश्रेस्त्र समय मार्च से जून तथा सितम्बर और अक्टूबर का रहता है इस समय पर पूरा नैनीताल पर्यटकों से भरा रहता है मार्च से जून के महीनो में आप यहाँ से चारो और की खूबसूरती का आनंद ले सकते है। वही अक्टूबर से फ़रबरी के दौरान यहाँ बहुत अधिक ठण्ड पड़ती है तथा आपको अपने साथ गर्म कपडे ले जाने की सलाह दी जाती है

यह समय नई शादियों के जोड़ो के हनीमून व बर्फ में खेलने का आनंद लेने वालो के लिए उत्तम माने जाते है। वही मानसून सीजन अर्थात जुलाई से सितम्बर माह में यहाँ बारिश का मौसम चरम पर रहता है जिस कारण यहाँ भूस्खलन की घटनाएँ होती रहती है इस दौरान आपको संभलकर जाने की सलाह दी जाती है

Qus-2 Is it dangerous to visit Nainital during monsoons?

 Q-2 क्या मानसून सीजन में नैनीताल जाना सुरक्षित है

उत्तरनैनीताल आप साल में किसी भी महीने घूमने जा सकते है यहाँ का मौसम साल भर ही खुशनुमा बना ही रहता है फिर भी मानसून सीजन में नैनीताल जाने से बचना चाहिए यहाँ का मौसम हर पल बदलता रहता है तथा पर्वतीय क्षेत्र होने के कारण बारिश के समय यहाँ अत्यधिक मात्रा में पहाड़ो के खिसकने व भूस्खलन की घटनाये होती रहती है इस कारण नैनीताल में मानसून के समय पर नैनीताल जाने से बचना चाहिए यहाँ मानसून सीजन मुख्यतः जून से होकर सितम्बर अंत तक का रहता है

Qus-3 What are the ways, one can reach Nainital from Kathgodam?

Q- 3 काठगोदाम से नैनीताल कैसे  पहुंचा जाया जा सकता है

Ans- काठगोदाम से नैनीताल जाने के लिए दो रास्ते है जिनका प्रयोग आप नैनीताल पहुंचने हेतु कर सकते है

पहला रास्ता काठगोदाम से ज्योलिकोट होता हुआ जाता है जिसकी कुल दुरी 35 किमी पड़ती है। वही दूसरा रास्ता भीमताल, नौकुचियातालचांफी होते हुए जाता है जो पहले रास्ते से थोड़ा अधिक दुरी पर पड़ता है यह पूरा मार्ग लगभग 40 किमी है इस मार्ग पर आप खूबसूरत द्रश्यो को देख सकते है

Qus-4  Is nainital snowy around June?

Q- 4 क्या नैनीताल में जून में बर्फ देख सकते है

Ans- कुछ साल पहले तक नैनीताल में गर्मियों में भी बर्फवारी हुआ करती थी परन्तु कुछ समय से
मौसम में परिवर्तन व ग्लोबल वार्मिंग के कारण यहाँ बर्फ पड़नी बंद हो गयी है
। फिर भी नैनीताल के उच्च क्षेत्र जैसे चाइना पीक, किलबरी, टिफ़िन टॉप, अयारपाटा तथा स्नो व्यू पॉइंट में अभी भी गर्मियों के दौरान बर्फवारी होती है जो लम्बे समय तक दिखाई देती है

Q-5 What are the best things to do in Nainital?

Q- 5 नैनीताल घूमने के दौरान आप वह क्या-क्या कर सकते है

Ans- नैनीताल में कई चीजे है जो आप नैनीताल यात्रा के दौरान कर सकते है। नैनीताल यात्रा के दौरान आप नैनीताल में नैना देवी के मंदिर के दर्शन के साथ चाइना पीक, किलबरी, स्नो व्यू पॉइंट, पंगोट आदि स्थलों में घूमने जा सकते है। वही नैनीताल में आप हॉर्स राइडिंग, ट्रैकिंग, पैराग्लिडिंग व खाने में मोमोस व नॉन वेज का भी आनंद ले सकते है  


Qus-6 Where can you find the best hotels in Nainital?

Q-6 नैनीताल में रहने के लिए अच्छे होटल कौन से है

Ans- नैनीताल में रहने हेतु सभी बजट में होटल आसानी से उपलब्ध हो जाते है यहाँ के प्रमुख होटल्स में –

·       The Naini Retreat  

·       Shervani Hilltop

·       The Manu Maharani Hotel

·       V Resorts Sattal

·       Aamari Resorts

And for some budget options:-

·        Bhawanipur Greens 

·        Vikram Vintage Inn

·        The Pavilion

·        Hotel Himalaya

इन सब के अतिरिक्त भी नैनीताल में और भी कई बजट होटल है जहाँ आपको रहने हेतु आसानी से कमरे उपलब्ध हो जाते है

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